पीएम मातृ वंदना योजना (PMMVY Yojana) में पहली डिलीवरी पर ₹5000 और दूसरी डिलीवरी पर बेटी होने पर ₹6000 कैसे मिलते हैं? पात्रता, दस्तावेज़ और ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया जानें।
PMMVY योजना 2026: पहली-दूसरी डिलीवरी पर ₹5000/₹6000 कैसे पाएं
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गर्भावस्था के दौरान हर महिला को आर्थिक सहायता की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस होती है। इसी जरूरत को समझते हुए केंद्र सरकार ने पीएम मातृ वंदना योजना (PMMVY) शुरू की है, जो गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को सीधे बैंक खाते में आर्थिक मदद देती है। लेकिन इस योजना को लेकर अक्सर महिलाओं में भ्रम रहता है — पहली डिलीवरी पर कितना पैसा मिलता है, दूसरी डिलीवरी पर नियम क्या है, और PMMVY online apply कैसे करें। इस आर्टिकल में हम हर बात बिल्कुल साफ और सरल भाषा में समझाएंगे।
पीएम मातृ वंदना योजना क्या है?
पीएम मातृ वंदना योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली एक मातृत्व लाभ योजना है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (National Food Security Act), 2013 के अंतर्गत आती है। इस योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2017 को हुई थी और इसका मुख्य मकसद है गर्भावस्था और प्रसव के दौरान महिलाओं और नवजात शिशु के पोषण स्तर को सुधारना, साथ ही काम न कर पाने की स्थिति में होने वाले आर्थिक नुकसान की कुछ भरपाई करना।
पैसों का असली गणित — पहली और दूसरी डिलीवरी में क्या फर्क है?
यहीं पर सबसे ज्यादा भ्रम होता है, इसलिए इसे बहुत ध्यान से समझें।
पहली डिलीवरी पर कितना पैसा मिलता है
पहली जीवित संतान पर — चाहे बेटा हो या बेटी — परिवार को कुल ₹5,000 की राशि दो किश्तों में दी जाती है। यह राशि लिंग के आधार पर नहीं बदलती, यानी पहली बार मां बनने वाली हर पात्र महिला को यह लाभ बराबर मिलता है।
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दूसरी डिलीवरी पर कब और कितना पैसा मिलता है
दूसरी डिलीवरी के मामले में नियम अलग है। अगर दूसरी संतान बेटी (Girl Child) होती है, तभी ₹6,000 की एकमुश्त राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में एक बार में ट्रांसफर की जाती है। अगर दूसरी डिलीवरी पर बेटा होता है, तो इस योजना के तहत कोई आर्थिक लाभ नहीं मिलता। यह प्रावधान खासतौर पर बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने और घटते लिंगानुपात (Sex Ratio) को सुधारने के मकसद से जोड़ा गया है।
पहली बनाम दूसरी डिलीवरी के लाभ का सही गणित (PMMVY Installment Structure) — एक नजर में समझें
पीएम मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पहली और दूसरी गर्भावस्था के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता का सटीक विवरण नीचे दी गई तालिका में साफ तौर पर समझाया गया है:
| योजना के मुख्य बिंदु | पहली डिलीवरी (First Pregnancy) | दूसरी डिलीवरी (Second Pregnancy) |
|---|---|---|
| कुल मिलने वाली राशि | कुल ₹5,000 की वित्तीय सहायता | कुल ₹6,000 का एकमुश्त लाभ |
| अनिवार्य पात्रता शर्त | पहली जीवित संतान (लड़का या लड़की दोनों पर पात्र) | दूसरी जीवित संतान केवल बेटी (Girl Child) होने पर पात्र |
| किश्तों का विवरण | दो किश्तों में भुगतान: • पहली किश्त: ₹3,000 (गर्भावस्था पंजीकरण व प्रसव पूर्व जांच पर) • दूसरी किश्त: ₹2,000 (बच्चे के जन्म पंजीकरण व प्रथम टीकाकरण पर) | एकमुश्त भुगतान: बच्चे के जन्म पंजीकरण और पूरे टीकाकरण का कड़ा चक्र पूरा होने पर सीधे एक बार में पूरा ₹6,000 ट्रांसफर होता है। |
| लड़का होने पर स्थिति | पूरा लाभ नियमानुसार प्रदान किया जाएगा | कोई भी आर्थिक लाभ प्रदान नहीं किया जाता है |
| रजिस्ट्रेशन | गर्भावस्था के दौरान जरूरी | गर्भावस्था के दौरान जरूरी |
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पीएम मातृ वंदना योजना के लिए पात्रता (PMMVY Yojana Eligibility)
इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के लिए गर्भवती महिला को नीचे दी गई आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आवेदन करने के लिए महिला की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए।
- महिला मुख्य रूप से भारत की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- आवेदिका के परिवार की कुल सालाना आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए, या वह नीचे दी गई किसी एक श्रेणी के अंतर्गत कड़ाई से आती हो:
- अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से हो
- 40% या उससे अधिक प्रतिशत वाली दिव्यांग महिला हो
- बीपीएल (BPL) राशन कार्ड या अंत्योदय अन्न योजना कार्ड धारक हो
- आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की लाभार्थी हो
- महिला के नाम पर वैध ई-श्रम कार्ड (e-Shram Card) बना हो
- पीएम किसान सम्मान निधि योजना की महिला लाभार्थी हो
- मनरेगा जॉब कार्ड धारक हो (न्यूनतम 100 दिनों का कार्य)
- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका या आशा बहू हो
कौन इस योजना के लिए पात्र नहीं है?
केंद्र या राज्य सरकार, या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) में नियमित नौकरी करने वाली गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं, या जिन्हें किसी अन्य कानून के तहत पहले से इसी तरह का मातृत्व लाभ मिल रहा हो, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं मानी जातीं।
पीएम मातृ वंदना योजना के लिए जरूरी दस्तावेज़ (PMMVY Important Documents List)
आंगनवाड़ी केंद्र पर फॉर्म जमा करते समय या ऑनलाइन सिटीजन लॉगिन पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करते समय नीचे दी गई सूची के अनुसार सभी कागजात तैयार रखें:
- महिला का मूल आधार कार्ड (बैंक खाते और मोबाइल नंबर से लिंक होना आवश्यक)
- महिला के अपने नाम की बैंक अकाउंट पासबुक या पोस्ट ऑफिस खाता विवरण (संयुक्त खाता पूरी तरह अमान्य है)
- सरकारी अस्पताल या एएनएम द्वारा जारी किया गया मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन (MCP) कार्ड
- बच्चे का आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र (दूसरी किश्त और दूसरी डिलीवरी के ₹6,000 के दावे के लिए अनिवार्य)
- पात्रता सिद्ध करने वाला सरकारी प्रमाण (जैसे ई-श्रम कार्ड, राशन कार्ड या जाति प्रमाण पत्र की प्रति)
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ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन कैसे करें?
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार दो तरीकों से आवेदन कर सकती हैं।
तरीका 1: ऑनलाइन आवेदन (PMMVY Portal से)
PMMVY online apply करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmmvy.wcd.gov.in पर जाएं
- होमपेज पर दिए गए “Citizen Login” विकल्प पर क्लिक करें
- अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP के जरिए रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करें
- मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी, गर्भावस्था की तारीख और बैंक डिटेल भरें
- MCP कार्ड, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की स्कैन कॉपी अपलोड करें
- फॉर्म सावधानी से जांचकर सबमिट करें
- सबमिट करने के बाद मिलने वाली रिफरेंस आईडी जरूर संभालकर रखें
तरीका 2: ऑफलाइन आवेदन (आंगनवाड़ी केंद्र से)
जिन महिलाओं के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है या जो ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, वे अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर फॉर्म भर सकती हैं:
- नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से फॉर्म 1-A प्राप्त करें
- फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें और सभी दस्तावेज़ संलग्न करें
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता फॉर्म को आगे की प्रक्रिया के लिए जमा करती हैं
- हर किश्त के लिए अलग-अलग फॉर्म (1-A, 1-B, 1-C) समय-समय पर भरने होते हैं
- फॉर्म जमा करने के बाद रसीद जरूर प्राप्त करें
किश्तों का भुगतान कब और कैसे होता है?
पीएम मातृ वंदना योजना में पैसा सीधे बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए भेजा जाता है। इसके लिए Public Financial Management System (PFMS) का इस्तेमाल होता है, जिससे भुगतान में पारदर्शिता बनी रहती है। भुगतान पाने के लिए बैंक खाता आधार से लिंक होना और लाभार्थी के अपने नाम पर होना जरूरी है — संयुक्त खाता स्वीकार नहीं किया जाता।
आवेदन करते समय ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
- गर्भावस्था का पंजीकरण जल्द से जल्द कराएं, देरी करने पर किश्त मिलने में देरी हो सकती है
- MCP कार्ड हमेशा अपने पास सुरक्षित रखें, यह हर किश्त के दावे के लिए जरूरी है
- बैंक खाता खुद के नाम पर और आधार से लिंक होना चाहिए
- आवेदन की समय-सीमा का ध्यान रखें, देरी होने पर लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है
- अगर गर्भपात या मृत शिशु जन्म की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बने, तो अगली गर्भावस्था में महिला को नई लाभार्थी माना जाता है
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FAQ: Beti Janm Yojana | Matru Vandana Yojana | PMMVY Yojana
प्रश्न 1: क्या दूसरी डिलीवरी पर बेटा होने पर भी इस योजना के तहत कोई पैसा मिलता है?
उत्तर: नहीं, पीएम मातृ वंदना योजना के नए नियम के अनुसार दूसरी डिलीवरी पर आर्थिक लाभ तभी मिलता है जब बेटी पैदा हो। दूसरी डिलीवरी पर बेटा होने पर इस योजना के तहत कोई भी लाभ नहीं दिया जाता है.
प्रश्न 2: क्या पहली डिलीवरी पर बेटा होने पर भी पूरे ₹5,000 की सहायता राशि मिलेगी?
उत्तर: हाँ, पहली जीवित संतान होने पर चाहे बेटा हो या बेटी, पात्र महिला को ₹5,000 की राशि दो किश्तों (₹3,000 + ₹2,000) में पूरी तरह प्रदान की जाती है. पहली बार में लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता है.
प्रश्न 3: क्या सरकारी नौकरी करने वाली गर्भवती महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं?
उत्तर: नहीं, केंद्र या राज्य सरकार, या किसी भी सरकारी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) में नियमित पद पर कार्यरत महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं मानी जाती हैं, क्योंकि उन्हें पहले से ही मातृत्व अवकाश और अन्य लाभ मिलते हैं.
प्रश्न 4: इस योजना का आवेदन ऑनलाइन पोर्टल से खुद करना बेहतर है या आंगनवाड़ी केंद्र जाकर?
उत्तर: दोनों ही तरीके पूरी तरह से मान्य और सुरक्षित हैं. जिन महिलाओं को इंटरनेट की जानकारी है, वे pmmvy.wcd.gov.in पर जाकर Citizen Login से खुद ऑनलाइन फॉर्म भर सकती हैं. बाकी महिलाएं नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर बिल्कुल मुफ्त में ऑफलाइन फॉर्म भरवा सकती हैं.
प्रश्न 5: यदि बैंक खाता पति के नाम पर हो या जॉइंट अकाउंट हो, तो क्या योजना का पैसा मिल जाएगा?
उत्तर: नहीं, योजना की लाभ राशि सिर्फ और सिर्फ लाभार्थी महिला के अपने व्यक्तिगत (Single) बैंक खाते में ही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए भेजी जाती है. संयुक्त (Joint) खाता इसके लिए पूरी तरह से अमान्य है.
प्रश्न 6: यदि पहली या दूसरी डिलीवरी के समय जुड़वां (Twins) बच्चे पैदा होते हैं, तो पैसों का भुगतान किस नियम से होगा?
उत्तर: यदि पहली डिलीवरी में जुड़वां बच्चे (जैसे एक बेटा और एक बेटी) होते हैं, तो उसे पहली गर्भावस्था मानकर ₹5,000 ही मिलेंगे. लेकिन यदि दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बच्चे होते हैं और उनमें कम से कम एक बेटी होती है, तो उसे दूसरी डिलीवरी का बेटी लाभ यानी पूरा ₹6,000 प्रदान किया जाएगा.
प्रश्न 7: बच्चे के जन्म के कितने दिनों के भीतर इस योजना का फॉर्म भरना अनिवार्य होता है?
उत्तर: योजना के कड़े नियमों के अनुसार, गर्भावस्था के पंजीकरण से लेकर बच्चे के जन्म के 270 दिनों (लगभग 9 महीने) के भीतर आपको इस योजना का फॉर्म ऑनलाइन या ऑफलाइन हर हाल में सबमिट कर देना चाहिए। इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता है।
प्रश्न 8: क्या आंगनवाड़ी या आशा कार्यकर्ता के पद पर काम करने वाली महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
उत्तर: हाँ, मानदेय पर काम करने वाली सभी गर्भवती आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका और आशा बहुएं इस योजना के तहत पहली और दूसरी डिलीवरी का पूरा लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से पात्र मानी गई हैं.
प्रश्न 9: अगर किसी महिला का पहली गर्भावस्था में दुर्भाग्यवश गर्भपात (Miscarriage) हो जाता है, तो क्या उसे दोबारा लाभ मिलेगा?
उत्तर: हाँ, यदि किसी महिला का पहली बार में गर्भपात या मृत शिशु जन्म होता है, तो उसे उस किश्त का लाभ वहीं रोक दिया जाता है। लेकिन भविष्य में जब वह दोबारा गर्भवती होगी, तो उसे पूरी तरह से नई लाभार्थी मानकर योजना का पूरा लाभ नए सिरे से प्रदान किया जाएगा.
प्रश्न 10: फॉर्म ऑनलाइन सबमिट होने के कितने दिनों बाद किश्त का पैसा सीधे बैंक खाते में आ जाता है?
उत्तर: पोर्टल या आंगनवाड़ी के माध्यम से फॉर्म लॉक होने के बाद सुपरवाइजर और सीडीपीओ (CDPO) स्तर पर दस्तावेजों का कड़ा सत्यापन होता है। पीएफएमएस (PFMS) द्वारा बैंक खाता सत्यापित होने के बाद आमतौर पर 30 से 45 दिनों के भीतर किश्त की राशि सीधे खाते में क्रेडिट हो जाती है.
निष्कर्ष (Conclusion)
केंद्र सरकार की maternity benefit scheme के अंतर्गत चलाई जा रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना देश की गर्भवती माताओं और नवजात शिशुओं को पोषण सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस Pregnant Women Scheme के तहत पहली डिलीवरी पर ₹5,000 और matru vandana yojana second child girl होने पर ₹6,000 की यह सीधी वित्तीय सहायता गरीब बहनों के लिए बहुत बड़ी मददगार साबित हो रही है। सरकार द्वारा तय की गई इस pradhan mantri matru vandana yojana amount का सही लाभ उठाने के लिए सभी आवश्यक pmmvy documents required को एक साथ तैयार रखें।
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